Tuesday, 6 December 2022

Women In Judiciary

भारत के सुप्रीम कोर्ट  के इतिहास मे तीसरी बार एक ऐसी बेंच का गठन किया गया है जिसमे सिर्फ महिला होंगी| पहली बार सुप्रीम कोर्ट मे 2013 मे महिला बेंच का गठन किया गया था, जिसमे जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा और रंजना देसाई एक साथ बेठे थे और उसके बाद दूसरी बार 2018 मे जस्टिस R. BHANUMATI और INDIRA BANERJEE की बेंच का गठन किया गया था |
वर्तमान मे (2022) इस बेंच का गठन चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया D.Y CHANDRACHUD के द्वारा किया गया है|
न्यायपालिका में महिलाओं की स्थिति 
आज़ादी के 75 साल बाद भी, न्यायपालिका मे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए कोई महत्वपूर्ण प्रयास नहीं किये गये है| सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के बाद से केवल 11 महिला न्यायधीश हैं,और अब तक कोई भी महिला मुख्य न्यायधीश नहीं बनी है|भारत के उच्च न्यायालयों मे 680 न्यायाधीशों में सिर्फ 83 ही महिला हैं| अधीनस्थ न्यायालयों मे भी सिर्फ 30% ही महिला देखने को मिलती हैं|
आज के समये मे शीर्ष अदालत मे सिर्फ तीन महिला न्यायाधीश हैं,जिनमे न्यायमूर्ति कोहली,बी वी नागरतना, और त्रिवेदी शामिल हैं|
2027 मे भारत को पहली मुख्य महिला न्यायाधीश मिलने जा रहीं हैं जो कि जस्टिस नागरतना होंगी |
  कम महिला प्रतिनिध्व के कारण -
1.महिलाओं के प्रतिधित्व मे कमी होने का मुख्य कारण समाज पर  पेट्रीक सोच का दबाव होना है, जहा आज भी महिलाओं को पुरुषों के पीछे रहने पर ज़ोर दिया जाता है| 
2. न्यायाव्यवस्था मे अपारदर्शी कोलेजियम प्रणाली कार्य कर रही है|
3. महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया है|
4. इसके साथ कि उन पर पारिवारिक जिम्मेंदारियाँ भी होती हें, जिसके चलते मे आगे नहीं बाद पाती हें|
5. मुक़दमेबाज़ी मे पर्याप्त महिलाएं नहीं हैं( जिसकी वजह से महिलाये ऐसी जगह पर नहीं जाना चाहती )
6. न्यायिक अवसंरचना (infrastructure) भी महिलाओं को काम करने के लिए प्रेरित नहीं करता है|
  महिलाओं का प्रतिनिधित्व क्यू ज़रूरी है ??
न्याय वितरण प्रणाली मे सुधार लाने के लिए जरूरी है कि न्यायापालिका मे महिलाओ कि भागीरदारी को ज्यादा से ज्यादा बड़ावा दिया जाये| समाज मे ज्यादा तर कुरीतियाँ महिलाओ के साथ होती है इसलिए ये ज़रूरी है कि उनकी सुनवाई भी महिला द्वारा ही कि जाये क्यूकी उसका हल पुरुषों कि अपेक्षा महिला ज्यादा सटीक निकाल सकती हैं| इसके साथ ही महिलाओं मे अलग अलग प्रभावों कि सूक्ष्म समझ होती है |लोगो तक एक शक्तिशाली संदेश भेजने के लिए ओर उनके किये न्याय सुलभ कराने के लिए जो न्याए चाहते है, ज़रूरी है कि अदालतों कि वैधता मे वृद्धि कि जाये|
इसके साथ ही योन हिंसा से जुड़े मामलों के लिए एक संतुलित और  सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण को अपनाया जाना चाहिए , इस लिए ज़रूरी है कि न्याय व्यवस्था  मे महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बड़ाया जाना चाहिए|

Monday, 5 December 2022

Draft Aircraft Security rule,2022

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने, विमान सुरक्षा नियम 2022, के मसौदे को अधिसूचित किया है| जो विमानन सुरक्षा नियामक , नागरिक सुरक्षा ब्यूरो ( Bureau of civil aviation security - BCAS) को सुरक्षा उपायों के उल्लंघन के लिए हवाई अड्डो और एयर लाइनों पर RS. 1 करोड़ तक का जुर्माना लगाने मे सक्षम बनाता है|

उद्देश्य :अंतर्राष्ट्रीय  हवाई परिवहन की योजना और विकास को बढ़ावा देना |
       
DRAFT AIR CRAFT RULE, 2022            
1. ड्राफ्ट नियमों को अंतिम रूप देने के बाद, BCAS इन सुरक्षा कार्यक्रम तैयार करने और लागू करने मे विफल रहने पर हवाई अड्डो और एयर लाइनों पर रु. 50 लाख से रु.1 करोड़ (कम्पनी के आकार के आधार पर ) जुर्माना लगा सकती है|
2. कम्पनी के साथ साथ व्यक्तियों पर भी उनके अपराध के आधार पर रु. 1 लाख से रु. 25 लाख तक के दण्ड का भी  सामना करना पड़ सकता है |
3. साइबर सुरक्षा के खतरों से बचने के लिए नियमों मे प्रत्येक इकाई को अपनी सूचना और संचार प्रद्योगिकी प्रणाली को अनधिकृत उपयोग से बचाने तथा संवेदनशील विमानन सुरक्षा जानकारी को प्रकट करने पर रोक लगाने की भी ज़रूरत है |
4. मसौदा नियम अब हवाई अड्डों को गैर-मुख्य क्षेत्रों मे CISF (CENTRAL INDUSTRIAL SECURITY FORCE -CISF ) कर्मियों के बजाए निजि सुरक्षा एजेंट को नियुक्त करने की बात की है |

 

Sunday, 4 December 2022

Black- Naped Pheasent-Pigeon

 लगभग 140 वर्षों के बाद वैज्ञानिकों द्वारा  एक दुर्लभ पक्षी ब्लैक नेप्ड तीतर कबूतर को फिर से खोज निकाला गया है |

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक इस पक्षी को आखिरी बार 140 साल पहले देखा गया था| इस पक्षी को पापुआ न्यू गिनी के जंगलों मे लगे कैमरों के ज़रिये ट्रैप किया गया है |

ब्लैक नेप्ड तीतर कबूतर देखने मे एक विस्तृत पूंछ वाला पक्षी है | जो ज़मीन पर रहता है | यह पक्षी आमतौर पर पहाड़ी छेत्रों और निचले पर्वतीय छेत्रों के आस पास रहते है,और निचले इलाकों मे भी पाये जा सकते है |

यह न्यू गिनी और उसके आस पास के द्वीपों के प्राथमिक वर्षा वनों मे पाया जाता है|

Saturday, 3 December 2022

Handbook Of Statistic On Indian States

     भारतीय रिज़र्व बैंक(RBI), देश की केन्द्रीय बैंकिंग संस्था, 2016 से हर साल भारतीय राज्यों पर संखियिकी की पुस्तिका निकलती है | यह पुस्तिका सभी भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सामाजिक - आर्थिक संकेतकों की एक विस्तृत शृंखला पर मात्रात्मक डेटा प्रदान करती है | इनमे सामाजिक और जन सांखियिकी, विशेषताये, राज्य के घरेलू उत्पाद, कृषि, बुनियादी ढांचा, बैंकिंग और वित्तीय विकास शामिल है|

     सांखियिकी Handbook 2021-2022 का सातवाँ संस्करण RBI द्वारा जारी किया गया है| जो भारत की क्षेत्रिय अर्थवयवस्था के बारे मे व्यापक डेटा प्रदान करती है|

    सांखियिकी के इस नए संस्करण मे दो नए भागों को जोडा गया है|
1 स्वास्थ्य
2 वातावरण

Can a shorter medical course solve rural doctor shortages?

 भारत मे पर्याप्त स्वास्थय सुधाएँ  उपलब्ध नहीं है यह बात सबको पता है जितनी तेज़ी से मरीज़ो की संख्या बढ़ रही है चिकित्सको की संख्या लगातार कम ह...